गरीबों व वंचितों को न्याय दिलवाना था बाबा साहेब का लक्ष्य-प्रो. टंकेश्वर कुमार गुजवि में स्थापित हुई बाबा साहेब की प्रतिमा

 आदमकद प्रतिमा की स्थापना के अवसर पर विश्वविद्यालय में हुआ समारोह

 
हिसार, 13 अप्रैल, 2021

गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा है कि बाबा साहेब डा. भीम राव अबेडकर के जीवन का लक्ष्य हर वंचित को न्याय व समानता दिलवाना था। जब तक हम अंतिम व्यक्ति तक विकास के लाभ को नहीं ले जाते, तब तक राष्ट्र में समानता व बंधुत्व संभव नहीं है। प्रो. टंकेश्वर कुमार मंगलवार को विश्वविद्यालय में बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण के बाद हुए समारोह बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। विश्वविद्यालय के डा. भीम राव अंबेडकर पुस्तकालय के सामने बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की गई है। समारोह में कुलपति की धर्मपत्नी प्रो. सुनीता श्रीवास्तव गजुटा प्रधान प्रो. सुमीत्रा, गैरशिक्षक कर्मचारी यूनियन प्रधान इंद्राज भारती, सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष डा. नरेंद्र चैहान, उपनिदेशक जनसंपर्क बिजेंद्र दहिया तथा अनुसूचित जाति कर्मचारी संघ प्रधान उदयभान चैपड़ा मंच पर उपस्थित रहे। 
प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि बाबा साहेब को अपने मन में गहरे उतारने की जरुरत है। उनका व्यक्तित्व भारतवासियों के दिलों में बसता है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित बाबा साहेब की प्रतिमा विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनती रहेगी। उन्हें खुशी है कि विश्वविद्यालय के पुस्ताकालय का नाम बाबा साहेब के नाम पर रखने तथा परिसर में प्रतिमा स्थापित करने का सौभाग्य उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का पुस्तकालय में तीस हजार पुस्तकें थे। उनकी पुस्तकेां को पढ़कर ही आप उन्हें जान पाएंगे। 
विश्वविद्यालय की गजुटा प्रधान प्रो. सुमित्रा दहिया ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने केवल दलितों और शोषितों के लिए ही नहीं, बल्कि महिलाओं के उत्थान के लिए भी अभूतपूर्व योगदान दिया था। प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम के संयोजक प्रो. राकेश बहमनी ने कहा कि बाबा साहेब विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बाबा साहेब के विचारों से अत्यंत प्रभावित हैं। उन्होंने इस अभियान में विद्यार्थियों के सहयोग का जिक्र भी किया। विश्वविद्यालय के गैरशिक्षण संघ के प्रधान इंद्राज भारती ने बाबा साहेब के जीवन से जुड़े गहन पहलुओं के बारे में जानकारी दी तथा बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिमा स्थापित होने से पूरा विश्वविद्यालय परिवार अत्यंत प्रसन्न है। सहायक पुस्तकालय अध्यक्ष डा. नरेंद्र चैहान ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकालय के समक्ष प्रतिमा स्थापित होने से उन्हें और अधिक कार्य करने की प्ररेणा मिलेगी। उन्होंने भी बाबा साहेब के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताएं। विश्वविद्यालय के अनुसूचित जाति कर्मचारी संघ के प्रधान उदयभान चैपड़ा ने बताया कि वे गत दस वर्षों से पुस्तकालय के नामकरण तथा प्रतिमा स्थापना के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने कहा कि कुलपति महोदय ने उनकी दोनेां मांग स्वीकार करके अत्यंत सहरानीय कार्य किया है। 
डा. बीआर अंबेडकर स्टूडेन्ट्स फ्रंट के प्रतिनिधि संजय बौद्ध ने कहा कि विश्वविद्यालय में गरीब विद्यार्थियों के कल्याण हेतू अनेक योजनाएं लागू की गई हैं जो अन्य विश्वविद्यालयों के लिए उदाहरण बनी हैं। मंच संचालन उपनिदेशक जनसंपर्क बिजेंद्र दहिया ने किया। इस अवसर पर एक छोटी बच्ची माही ने बाबा साहेब पर एक कविता भी सुनाई।
इस अवसर पर डा. बीआर अंबेडकर स्टूडेन्ट्स फ्रंट के सौजन्य से विश्वविद्यालय पुस्तकालय में बाबा साहेब की पुस्तकों के 22 वोल्यूम भी भेंट किए गए। 
ओमप्रकाश दहिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 
इस अवसर पर प्रो. उषा अरोड़ा, यशपाल सिंगला, सुनील ग्रोवर, दिनेश चुघ, मुकेश अरोड़ा, देशराज वर्मा, प्रो. धर्मेंद्र, प्रो. खजान सिंह, डा. अमनदीप, प्रदीप अंबेडकर, बलजीत सिंह व सुनील भोला आदि कर्मचारी अधिकारी व विद्यार्थी उपस्थित रहे।